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आहिस्ता पर कोई शायरी...

  1. सब जगह पर है चाँद भी वही सितारे वही और है वही अंबर न होगा आहिस्ता-आहिस्ता ख़त्म होता साल और न होगा यही दिसंबर #अनिता_सैनी

  2. लोगों ने दिए है ज़ख्म फूलों से डर लकता है अब गुलिस्तां से हार कर तन्हा बैठते है जब दुनिया से पकड़ लेता है कोई हाथ आहिस्ता से।

  3. आहिस्ता आहिस्ता मोहब्बत हुई थी, अब वो आहिस्ता आहिस्ता दिल तोड़ रहे हैं- खबर मिली है उनके जान-कारण से, वो आहिस्ता आहिस्ता हमें सूद रहे हैं..!!

  4. शब-ए-फ़ुर्क़त का जागा हूँ फ़रिश्तो अब तो सोने दो कभी फ़ुर्सत में कर लेना हिसाब आहिस्ता आहिस्ता #अमीर_मीनाई

  5. कदम रखता है जब रास्तों पे यार आहिस्ता आहिस्ता.. तो छट जाता है सब गर्द-ओ-गुबार आहिस्ता आहिस्ता.. भरी आँखों से होकर दिल में जाना सैन थोड़े ही है.. चढ़े दरियाओं को करते हैं पार आहिस्ता आहिस्ता.. नज़र आता है तो यूँ देखता जाता हूँ मै उसको.. की चल पड़ता है कारोबार आहिस्ता आहिस्ता..!!

  6. न चलो ले कर के मेरा जनाज़ा आहिस्ता आहिस्ता.. बड़ी मुद्दत से रही थी आरजू दीदार-ए-मुस्तफा की..!!

  7. रोज तारों को नुमाइश में खलल पड़ता है.. चांद पागल है अंधेरे में निकल पड़ता है। उसकी याद आई है.. सांसों जरा आहिस्ता चलो धड़कनों से भी इबादत में खलल पड़ता है। #राहत_इंदौरी

  8. जवाँ होने लगे जब वो तो हम से कर लिया पर्दा हया यक-लख़्त आई और शबाब आहिस्ता आहिस्ता शब-ए-फ़ुर्क़त का जागा हूँ फ़रिश्तो अब तो सोने दो कभी फ़ुर्सत में कर लेना हिसाब आहिस्ता आहिस्ता #अमीर_मीनाई

  9. कुछ बताना हमने - कुछ तुमने पूछना छोड़ दिया आहिस्ता आहिस्ता मीठी बातों का शोर - मायूस हो सो गया मैं ही क्यों और तुम क्यों नहीं के झगड़े में हम कुछ सहम गया साथ चले थे तुम और मैं ये याद भर रह गया

  10. झूठी तसल्लियाँ अच्छी होती हैं इनसे इंसान टूट कर बिखरता नहीं इनसे इंसान विघटित होता है!! तिल तिल , क़तरा क़तरा, आहिस्ता आहिस्ता !! यूँ भी रोज़ाना का मरना ही हम जैसों की नियति है...

  11. और आहिस्ता किजिए बातें धड़कने कोई सुन रहा होगा कान रखते हैं ये दर-ओ-देवर लफ़्ज़ों की सारी बातें सुनेंगे

  12. में अब आहिस्ता-आहिस्ता समझ रहा हूँ, कि लोग अचानक पंखे से क्यों लटक जाते है...

  13. आहिस्ता चल एक जिंदगी, कुछ कर्ज चुकाने बाकी है, कुछ के दर्द मिटाने बाकी है, कुछ फर्ज निभाने बाकी है..!!


  • 👣 बदल गए कुछ लोग #आहिस्ता #आहिस्ता। अब तो अपना भी हक बनता है।।


  • नजर से फूल चुनती है नजर आहिस्ता आहिस्ता आहिस्ता आहिस्ता मोहब्बत रंग लाती है मगर आहिस्ता आहिस्ता आहिस्ता आहिस्ता


  • उस की याद आई है साँसो ज़रा आहिस्ता चलो धड़कनों से भी इबादत में ख़लल पड़ता है


  • आहिस्ता आहिस्ता समझ जाओगे ख़ामोश लोगों से दुश्मनी, बहुत शोर करती है..!! #प्रकाश_सिंह


  • आजकल खुद से ही रूठने लगा हूं आहिस्ता आहिस्ता टूटने लगा हूं..!! #कीर्ति_चन्द्रा


  • काम बुरा कुछ नइं होता है करते जाना बस! दुश्वारी जो टाँग अड़ाए लड़ते जाना बस! एक ज़मात यहाँ ऐसी भी है जिनकी आदत, आहिस्ता-आहिस्ता पंख कुतरते जाना बस!


  • आहिस्ता चल ये जिंदगी बहुत काम बाकी है।


  • आहिस्ता आहिस्ता हम भी तुम्हारी नज़रों में गिरने वाले हैं मैं देख रहा हूं तेरी महफ़िल में आने वाले लोग पैसे वाले हैं..!! #हसनतंवर


  • जाने कब तक तिरी तस्वीर निगाहों में रही हो गई रात तिरे अक्स को तकते तकते मैं ने फिर तेरे तसव्वुर के किसी लम्हे में तेरी तस्वीर पे लब रख दिए आहिस्ता से..!! #परवीन_शाकिर


  • आहिस्ता से ख्वाबों में आता है कोई, शरारत से अपनी रातों जगाता है कोई, लूटकर चैन ओ सुकून दिलासा देता है, न जाने ये कैसा रिश्ता निभाता है कोई..!!


  • आहिस्ता तमाचा मार ऐ ज़िंदगी.. अब चेहरे पर निशान दिखने लगे हैं..!!


  • मुझे मंज़ूर गर तर्क-ए-ताल्लुक है रज़ा तेरी मगर तूटेगा रिश्ता दर्द का आहिस्ता आहिस्ता..!!


  • वो बेदर्दी से सर काटें 'अमीर' और मैं कहूँ उन से हुज़ूर आहिस्ता आहिस्ता जनाब आहिस्ता आहिस्ता..!! #अमीर_मीनाई


  • तन्हा कर देती है हर रोज़ ये तेरी यादें.. ऐसा लगता है जैसे भुल रहे हो तुम आहिस्ता_आहिस्ता..!!


  • सरकती जाये है रुख से नक़ाब आहिस्ता आहिस्ता, निकलता आ रहा है आफ़ताब आहिस्ता आहिस्ता! सवाल-ए-वसल पे उनको उदू का खौफ़ है इतना, दबे होंठों से देते हैं जवाब आहिस्ता आहिस्ता..!! #Amir_Minai


  • चले तो कट ही जाएगा सफ़र आहिस्ता आहिस्ता हम उसके पास जाते हैं मगर आहिस्ता आहिस्ता यूं ही इक रोज़ अपने दिल का क़िस्सा भी सुना देना ख़िताब आहिस्ता आहिस्ता नज़र आहिस्ता आहिस्ता..!! #मुस्तफा_जैदी


  • इश्क़ है ज़रा आहिस्ता से, कह देना उसे सांस तो ले। #मीत


  • आहिस्ता चल ऐ ज़िन्दगी कुछ कर्ज चुकाने बाक़ी हैं , कुछ दर्द मिटाने बाक़ी हैं कुछ फर्ज निभाने बाक़ी हैं..!!


  • कुछ इतना साथ रहती हैं मुझे डर है कमी तेरी......!! ना बन जाए तेरा नेम-उल-बदल आहिस्ता आहिस्ता......!!!! #उमैर_नजमी


  • थक जायेगे इस सफर में आहिस्ता आहिस्ता एक तरफा तुम्हे चाहना अब होता नही हमसे..!!


  • आहिस्ता आहिस्ता चल ए जिन्दगी कुछ कर्ज उतारने बाकी है अभी कुछ फर्ज निभाना बाकी है..!!


  • कौन उठाएगा हमारी आंखों से गिरे हुए लोगों को यहां आहिस्ता आहिस्ता सब लोगों को परख लिया है हमने यहां..!!


  • घटेगा तेरे कूचे में वक़ार आहिस्ता आहिस्ता बढ़ेगा आशिक़ी का ए'तिबार आहिस्ता आहिस्ता बहुत नादिम हुए आख़िर वो मेरे क़त्ल-ए-नाहक़ पर हुई क़द्र-ए-वफ़ा जब आश्कार आहिस्ता आहिस्ता #हसरत_मोहानी


  • *ए जिन्दगी तु चल आहिस्ता आहिस्ता* **उनकी यादों से हैं मेरा गहरा रिश्ता** #दिनेश_दिवाना


  • इक आख़री थहराओ लेने की ख़ातिर घूम रहे है जहां में आहिस्ता-आहिस्ता किसी की जीत की ख़ातिर मैं सब कुछ हार जाना चाहता हूँ आहिस्ता-आहिस्ता यहीं इंतज़ार करूँगा तुम्हारी ख़ातिर मैं तुम ज़माना देख लो आहिस्ता-आहिस्ता


  • रात से कह दो की आहिस्ता गुजरे...!!