top of page

​🐍angry snake🐍


​🐍angry snake🐍

A carpenter closed his shop in the evening and went home.


When he left, a poisonous snake entered inside the shop. The snake was hungry. In the hope that he would get something to eat, he started crawling here and there.


Meanwhile, he collided with an ax and got slightly injured.


He got angry and to take revenge he stung the axe. What harm will the snake bite do to that metal axe? On the contrary, blood started coming out of the snake's mouth itself.


The snake went mad with anger and arrogance and tried everything possible to kill the axe. He was in a lot of pain. Still he wrapped around that axe. What would have happened then, you know very well.


The next day when the carpenter opened the door, he saw that the snake wrapped around the ax had been killed.


Friends, this snake has not died due to someone else's mistake. His condition has happened because of his own arrogance and anger.


Similarly, when we get angry, we do the work of harming others. But after some time we realize that we have harmed ourselves more than others.





​🐍गुस्सैल सांप🐍

एक बढ़ाई (Carpenter) शाम को अपनी दुकान बंद कर घर चला गया।


जब वह चला गया, तो एक ज़हरीला सांप दुकान के अंदर घुस गया। सांप भूखा था। इस आशा में की कुछ खाने को मिल जाए, वह इधर उधर रेंगने लगा।


इसी बीच वो एक कुल्हाड़ी से टकरा गया और थोड़ा सा चोटिल हो गया।


उसे गुस्सा आ गया और बदला लेने के लिए उसने कुल्हाड़ी को डंक मार दिया। सांप का डंक उस धातु की कुल्हाड़ी का क्या बिगाड़ लेगा? उल्टा सांप के मुंह से ही खून निकलने लग गया।


गुस्से और अहंकार से वो सांप पागल हो गया और उस कुल्हाड़ी को मारने के लिए हर संभव कोशिश करने लगा। उसको बहुत दर्द हो रहा था। फिर भी वो उस कुल्हाड़ी के चारो और लिपट गया। फिर क्या हुआ होगा, आप अच्छी तरह से जानते हैं।


अगले दिन जब कारपेंटर ने दरवाजा खोला, तो देखा की कुल्हाड़ी के लिपटा हुआ सांप मारा पड़ा था।


दोस्तों यह सांप किसी ओर की गलती से नहीं मरा हैं। उसकी ये हालत खुद की अकड़ और गुस्से के कारण हुई हैं।


इसी प्रकार हमें भी जब गुस्सा आता हैं तो हम दुसरो को नुकसान पहुंचने का काम करते हैं। लेकिन कुछ समय बीतने के बाद हमे ये अहसास होता हैं कि हमने अपने को दुसरो से और ज्यादा नुकसान पंहुचा दिया हैं।




Tags:

2 views0 comments